सीतापुर(उत्तर प्रदेश): जिला कारागार में बंदियों के खान-पान, स्वास्थ्य और पुनर्वास की जमीनी हकीकत परखने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव आलोक यादव ने सोमवार दोपहर औचक निरीक्षण किया। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण और जनपद न्यायाधीश आशीष जैन के निर्देश पर पहुंचे सचिव ने कारागार की महिला व बच्चा बैरक, अस्पताल, रसोई और लाइब्रेरी की पड़ताल की। इस दौरान परिसर में साफ-सफाई और बंदियों को मिलने वाली सुविधाएं संतोषजनक पाई गईं।
महिला-बच्चा बैरक की व्यवस्थाएं परखीं, रोस्टर के अनुसार बन रहा था भोजन.सचिव ने सबसे पहले महिला बैरक और बच्चा बैरक का मुआयना कर वहां की सुरक्षा व रहन-सहन की स्थिति जांची। इसके बाद वे कारागार की रसोई पहुंचे, जहां सायंकालीन भोजन तैयार किया जा रहा था। निरीक्षण में पाया गया कि मेन्यू और रोस्टर के मुताबिक भोजन बन रहा था और वहां स्वच्छता का पूरा ध्यान रखा गया था। बंदियों ने बताया कि उन्हें नियमित रूप से तय समय पर गुणवत्तापूर्ण नाश्ता व भोजन मिल रहा है।
दरी बुनाई से हुनरमंद बन रहे बंदी, समय पर मिल रहा कच्चा माल.कारागार में चल रहे दरी बुनाई कार्यशाला का जायजा लेते हुए सचिव ने काम कर रहे कारीगर बंदियों से सीधे बात की। बंदियों ने बताया कि बुनाई के लिए कच्चा माल और जरूरी उपकरण समय पर व पर्याप्त मात्रा में मिल जाते हैं। सचिव ने हुनरमंद बंदियों के प्रयासों की सराहना की और उन्हें जेल से रिहा होने के बाद समाज की मुख्यधारा से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।
निरीक्षण के दौरान कार्यालय लिपिक रितिकेश श्रीवास्तव व पीएलवी नौशाद अली उपस्थित रहे।



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